
कहानियाँ व मीडिया
रिकॉर्ड, जैसे-जैसे बन रहा है
पाँच धाराएँ, एक लय: हर अभियान के बाद एक छोटी रिपोर्ट, कई अभियानों में एक ही बात दिखने पर एक लेख, वही जगह एक साल बाद दोबारा, प्रेस ने जो लिखा, और तस्वीरें ख़ुद।
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फ़ील्ड रिपोर्ट
हर अभियान के 48 घंटे के भीतर एक छोटी, तारीख़दार रिपोर्ट — पाँच तथ्य और दो तस्वीरें।
लेख और विश्लेषण
लंबे लेख, तभी जब कई अभियानों ने एक ही बात दिखा दी हो। तरीक़ा, ज़िले, पाठ्यक्रम की बनावट।
पहले और बाद
हर साफ़ की गई जगह की तस्वीर छह महीने और बारह महीने बाद दोबारा। लौटकर देखना ही असली बात है।
प्रेस और मीडिया
कवरेज का सादा रिकॉर्ड — अख़बार, तारीख़, शीर्षक, लिंक। तारीफ़ वाले उद्धरण चुनकर नहीं।
फ़ोटो और वीडियो
अभियानों की तस्वीरें, हर कैप्शन पर जगह और काम दर्ज।
प्रकाशन की लय
किसी आंदोलन की वेबसाइट पर भरोसा तभी बनता है जब वह चलती रहे। ये वे अंतराल हैं जिन पर हम ख़ुद को बाँधते हैं — और जहाँ चूक हो, वह चूक ही हम छापते हैं।
| क्या | कितनी बार | कौन भरता है |
|---|---|---|
| फ़ील्ड रिपोर्ट | हर अभियान के 48 घंटे के भीतर | स्थानीय आयोजक |
| लेख या विश्लेषण | हर महीने, या जब कोई पैटर्न दिखे | कंटेंट लीड |
| पहले/बाद की तस्वीर | हर जगह की 6 और 12 महीने की जाँच पर | स्थानीय आयोजक |
| प्रेस का ब्यौरा | हर महीने | कम्युनिकेशन लीड |
| गैलरी सेट | हर अभियान के साथ | स्थानीय आयोजक |
